आईबीएस (IBS) से पाएं हमेशा के लिए राहत: पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के 3 अचूक योगासन

आधुनिक जीवनशैली और गलत खान-पान का सबसे पहला असर हमारे पाचन तंत्र (Digestive System) पर पड़ता है। पेट में दर्द, गैस, ब्लोटिंग (पेट फूलना), कभी अचानक दस्त (Loose Motions) तो कभी कब्ज (Constipation)—अगर आप भी अक्सर इन समस्याओं से परेशान रहते हैं, तो हो सकता है कि आप आईबीएस (Irritable Bowel Syndrome – IBS) से जूझ रहे हों।

एक स्वस्थ शरीर की सबसे बड़ी पहचान उसका मजबूत पाचन तंत्र होता है। अगर आपका पेट सही रहेगा, तो आप दिनभर ऊर्जावान और सेहतमंद महसूस करेंगे।

विश्व की सबसे प्राचीन योग संस्था ‘द योगा इंस्टीट्यूट’ (The Yoga Institute) के सिद्धांतों के अनुसार, योग और सही दिनचर्या के जरिए आप आईबीएस की समस्या को पूरी तरह नियंत्रित कर सकते हैं। आइए जानते हैं पाचन क्रिया को दुरुस्त करने वाले 3 बेहद प्रभावी योगासन और सेहतमंद रहने के खास प्रैक्टिकल टिप्स

1. पेट की समस्याओं के लिए 3 रामबाण योगासन

इन तीन आसनों के रोजाना अभ्यास से पेट के अंगों की मालिश होती है, जिससे गैस, कब्ज और आईबीएस में तुरंत आराम मिलता है।

  • मलासन (Garland Pose)
    • विधि: सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों के बीच लगभग डेढ़ फीट की दूरी रखें और पंजों को 45 डिग्री के कोण (Angle) पर बाहर की तरफ मोड़ें। अब हाथों को छाती के पास ‘नमस्ते’ की मुद्रा में जोड़ें और धीरे-धीरे नीचे की ओर स्क्वॉट (Squat) पोजीशन में बैठ जाएं। इस दौरान पीठ को बिल्कुल सीधा रखें और कोहनियों से घुटनों को बाहर की तरफ हल्का सा दबाएं।
    • समय: इस स्थिति में 5 से 10 सेकंड तक रुकें। सामान्य सांस लेते रहें और फिर धीरे से ऊपर उठकर सामान्य स्थिति में आ जाएं।
    • लाभ: यह आसन पेट के निचले हिस्से के खिंचाव को दूर करता है और मलत्याग की प्रक्रिया को आसान बनाता है।
  • वज्रासन (Thunderbolt Pose)
    • विधि: घुटनों के बल जमीन पर बैठ जाएं। दोनों पैरों के अंगूठों को आपस में मिलाएं और एड़ियों को बाहर की तरफ फैलाएं। अब एड़ियों के बीच बनी जगह पर आराम से बैठ जाएं। दोनों हाथों को अपनी जांघों पर रखें और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।
    • समय: इस स्थिति में 1 से 2 मिनट तक बैठें। वापस आने के लिए घुटनों के बल होकर सामान्य स्थिति में आ जाएं।
    • लाभ: यह अकेला ऐसा आसन है जिसे आप खाना खाने के तुरंत बाद भी कर सकते हैं। यह पाचन अग्नि को तीव्र करता है और गैस-अपच की समस्या मिटाता है।
  • अर्ध मत्स्येंन्द्रासन (Half Lord of the Fishes Pose)
    • विधि: पैरों को सामने की ओर फैलाकर बैठ जाएं। बाएं पैर को मोड़कर दाएं हिप के पास रखें और दाएं पैर को मोड़कर बाएं घुटने के बाहर की तरफ रखें। अब दाएं हाथ को पीछे जमीन पर रखें और बाएं हाथ से दाएं पैर को पकड़ें। शरीर को दाहिनी ओर मोड़ते हुए पीछे की तरफ देखें।
    • समय: सामान्य सांस के साथ 5 से 10 सेकंड तक रुकें। यही प्रक्रिया दूसरी तरफ से भी दोहराएं।
    • लाभ: यह मरोड़ (Twist) पेट की अंदरूनी मांसपेशियों की मालिश करती है, जिससे आईबीएस और कब्ज की समस्या में भारी आराम मिलता है।

2. डॉ. हंसाजी योगेंद्र के खास लाइफस्टाइल और डाइट टिप्स

‘द योगा इंस्टीट्यूट’ की योग गुरु डॉ. हंसाजी योगेंद्र के अनुसार, केवल योग ही नहीं बल्कि अपनी रोजमर्रा की आदतों में बदलाव लाकर ही आप अपने पेट (Bowels) को पूरी तरह स्वस्थ रख सकते हैं।

  • सोने और जागने का समय तय करें: पेट की कार्यप्रणाली को सही रखने के लिए रोज एक ही समय पर उठने और सोने का नियम बनाएं।
  • खान-पान और शरीर के असर को समझें: हर किसी का शरीर अलग होता है। ध्यान दें कि कौन सी चीज खाने से आपका पेट खराब होता है। कई लोगों को दूध या कुछ खास फल खाने से दस्त हो जाते हैं। अपने शरीर की जरूरत को पहचानें।
  • हल्का और सुपाच्य नाश्ता लें: सुबह के नाश्ते में पेट के लिए हल्की चीजें खाएं। दूध की जगह दही का सेवन करें। सुबह के नाश्ते में दही-पोहा या दही-चावल पेट को ठंडक पहुंचाता है और पाचन को तुरंत सुधारता है।

निष्कर्ष

आईबीएस जैसी समस्या से घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आप नियमित रूप से मलासन, वज्रासन और अर्ध मत्स्येंन्द्रासन का अभ्यास करेंगे और साथ ही अपनी डाइट पर थोड़ा ध्यान देंगे, तो आपका पाचन तंत्र न सिर्फ मजबूत होगा बल्कि पूरी तरह नियंत्रित भी रहेगा। आज ही से इन आसान योगासनों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और एक स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं!

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